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ऋग्वेद में वर्णित विविध चिकित्सा
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वर्तमान समय में आधुनिक चिकित्सा पद्धति अपने सर्वोत्तम युग में है परन्तु उसकी जड़ें प्राचीन चिकित्सा पद्धति से होकर ही यहाँ तक पहुँची हैं, जिनमें वेदों का विशेष योगदान रहा है, प्रमुख रूप से ऋग्वेद का विशेष स्थान है। ऋग्वेद में अनेक प्रकार की चिकित्सा का वर्णन मिलता है। जैसे जल चिकित्सा, सूर्य चिकित्सा, वायु चिकित्सा, अग्नि चिकित्सा, मानस चिकित्सा, त्वक् चिकित्सा आदि। जल चिकित्सा में जल द्वारा चिकित्सा की गयी है, ऋग्वेद में जल को औषधि कहा गया है। जल रोगों को दूर करने वाला तथा सभी प्राणियों का जीवन बताया गया है। सौर चिकित्सा में सूर्य की किरणों द्वारा की जाने वाली चिकित्सा को बताया गया। वायु चिकित्सा में वायु द्वारा की जाने वाली चिकित्सा का उल्लेख है और वायु को ही मनुष्यों का प्राण बताया गया। वायु में अमृत का खजाना है। ऋग्वेद में विषैले कीटाणुओं और उनके उन्मूलन की अनेक विधि प्राप्त होती है। अलग-अलग रोगों को हटाने तथा सूर्य की किरणों द्वारा हृदय संबंधी बीमारियों को ठीक करने का उल्लेख प्राप्त होता है। ऋग्वेद में पानी और जड़ी-बूटियों को दवा के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसी प्रकार अनेक चिकित्सा संबंधी उल्लेख ऋग्वेद में प्राप्त होते हैं अत: इस शोधपत्र के द्वारा ऋग्वेद में वर्णित विभिन्न चिकित्सा-पद्धति के विषय में अध्ययन प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
Title: ऋग्वेद में वर्णित विविध चिकित्सा
Description:
वर्तमान समय में आधुनिक चिकित्सा पद्धति अपने सर्वोत्तम युग में है परन्तु उसकी जड़ें प्राचीन चिकित्सा पद्धति से होकर ही यहाँ तक पहुँची हैं, जिनमें वेदों का विशेष योगदान रहा है, प्रमुख रूप से ऋग्वेद का विशेष स्थान है। ऋग्वेद में अनेक प्रकार की चिकित्सा का वर्णन मिलता है। जैसे जल चिकित्सा, सूर्य चिकित्सा, वायु चिकित्सा, अग्नि चिकित्सा, मानस चिकित्सा, त्वक् चिकित्सा आदि। जल चिकित्सा में जल द्वारा चिकित्सा की गयी है, ऋग्वेद में जल को औषधि कहा गया है। जल रोगों को दूर करने वाला तथा सभी प्राणियों का जीवन बताया गया है। सौर चिकित्सा में सूर्य की किरणों द्वारा की जाने वाली चिकित्सा को बताया गया। वायु चिकित्सा में वायु द्वारा की जाने वाली चिकित्सा का उल्लेख है और वायु को ही मनुष्यों का प्राण बताया गया। वायु में अमृत का खजाना है। ऋग्वेद में विषैले कीटाणुओं और उनके उन्मूलन की अनेक विधि प्राप्त होती है। अलग-अलग रोगों को हटाने तथा सूर्य की किरणों द्वारा हृदय संबंधी बीमारियों को ठीक करने का उल्लेख प्राप्त होता है। ऋग्वेद में पानी और जड़ी-बूटियों को दवा के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसी प्रकार अनेक चिकित्सा संबंधी उल्लेख ऋग्वेद में प्राप्त होते हैं अत: इस शोधपत्र के द्वारा ऋग्वेद में वर्णित विभिन्न चिकित्सा-पद्धति के विषय में अध्ययन प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।.
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