Search engine for discovering works of Art, research articles, and books related to Art and Culture
ShareThis
Javascript must be enabled to continue!

हिंदी भाषा की विविध भूमिकाएँ

View through CrossRef
सारांश– हिंदी भाषा की कई महत्त्वपूर्ण भूमिकाएँ हैं, जो इसके सांस्कृतिक, सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक महत्त्व को दर्शाती हैं। इसकी भूमिकाओं को अलग-अलग दृष्टिकोणों से समझा जा सकता है जैसे राजभाषा, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 के तहत, हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया गया है। इसका अर्थ यह है कि संघ सरकार के कार्यों में हिंदी का प्रयोग किया जाएगा। साथ ही देवनागरी लिपि को भी मान्यता दी गई है। हिंदी, भारत के विभिन्न भाषाई समुदायों के बीच संपर्क भाषा के रूप में भी काम करती है। इसका मतलब यह है कि जब विभिन्न भाषाएँ बोलने वाले लोग एक-दूसरे के साथ संवाद करते हैं, तो हिंदी एक सामान्य माध्यम के रूप में प्रयोग होती है। इसको सांस्कृतिक और भावनात्मक रूप से भारत की राष्ट्रभाषा के रूप में माना जाता है। हिंदी भाषा भारत के कई राज्यों में शिक्षा का माध्यम भी है। यह भाषा भारतीय संस्कृति और साहित्य की समृद्ध धरोहर का संवाहक है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी हिंदी का प्रयोग बढ़ रहा है। बीज शब्द– हिंदी भाषा, राजभाषा, संपर्कभाषा, राष्ट्रभाषा।
Continuing Professional Development Events New Mumbai
Title: हिंदी भाषा की विविध भूमिकाएँ
Description:
सारांश– हिंदी भाषा की कई महत्त्वपूर्ण भूमिकाएँ हैं, जो इसके सांस्कृतिक, सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक महत्त्व को दर्शाती हैं। इसकी भूमिकाओं को अलग-अलग दृष्टिकोणों से समझा जा सकता है जैसे राजभाषा, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 के तहत, हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया गया है। इसका अर्थ यह है कि संघ सरकार के कार्यों में हिंदी का प्रयोग किया जाएगा। साथ ही देवनागरी लिपि को भी मान्यता दी गई है। हिंदी, भारत के विभिन्न भाषाई समुदायों के बीच संपर्क भाषा के रूप में भी काम करती है। इसका मतलब यह है कि जब विभिन्न भाषाएँ बोलने वाले लोग एक-दूसरे के साथ संवाद करते हैं, तो हिंदी एक सामान्य माध्यम के रूप में प्रयोग होती है। इसको सांस्कृतिक और भावनात्मक रूप से भारत की राष्ट्रभाषा के रूप में माना जाता है। हिंदी भाषा भारत के कई राज्यों में शिक्षा का माध्यम भी है। यह भाषा भारतीय संस्कृति और साहित्य की समृद्ध धरोहर का संवाहक है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी हिंदी का प्रयोग बढ़ रहा है। बीज शब्द– हिंदी भाषा, राजभाषा, संपर्कभाषा, राष्ट्रभाषा।.

Related Results

नेपाली र माझी भाषामा व्याकरणात्मक कोटिको तुलना
नेपाली र माझी भाषामा व्याकरणात्मक कोटिको तुलना
नेपाल बहुभाषिक देश हो । यहाँ करिब १२४ ओटा भाषाका वक्ताहरु रहेका छन् । विश्वमा बोलिने विभिन्न भाषा परिवारहरुमध्ये नेपालमा छओटा भाषा परिवारका भाषाहरु बोलिन्छ । ती भाषा परिवारमध्ये भा...
सिँजाली खस भाषाको वर्णव्यवस्था
सिँजाली खस भाषाको वर्णव्यवस्था
सिँजाली भाषा भारोपेली भाषापरिवारको शतम वर्गको आर्यइरानेली बाल्हीक खस हुँदै विकसित भएको हो । खस पूर्वी पहाडी भाषा सिँजाली पर्वते गोर्खाली र नेपाली भाषा विकसित हुनपुग्यो । वर्तमान सम...
शेर्पा भाषाको शब्दवर्ग Sherpa Bhashako Shabdabarga
शेर्पा भाषाको शब्दवर्ग Sherpa Bhashako Shabdabarga
नेपालको हिमाली क्षेत्रमा बसोवास गर्ने शेर्पा जातिले बोल्ने भाषालाई शेर्पा भाषा भनिन्छ । यो भाषा भोटवर्मेली भाषा परिवारअन्तर्गत पर्दछ । २०६८ सालको जनगणनाअनुसार एकलाख चौधहजार आठसय ती...
सुदूरपश्चिम प्रदेशमा भाषिक प्रयोगको अवस्था
सुदूरपश्चिम प्रदेशमा भाषिक प्रयोगको अवस्था
भाषा तथा भाषिक भेदका विविधता तथा तिनको प्रयोगावस्थाका बारेमा तथ्यपरक खोज विश्लेषण गरी तिनको संरक्षण तथा संबर्धन गर्दै संस्कृति र सामाजिक मान्यताको पनि प्रवर्धन गर्नु आवश्यक छ । प्र...
नेपाली भाषा शिक्षामा उद्यमशीलताकोे भूमिका (The Role of Entrepreneurship in Nepali Language Education)
नेपाली भाषा शिक्षामा उद्यमशीलताकोे भूमिका (The Role of Entrepreneurship in Nepali Language Education)
नेपाली भाषा शिक्षाको अध्ययनपश्चात् प्राप्त हुने उद्यमशीलताको सम्भावना र अभ्यास बारे चर्चा गर्ने विषयमा प्रस्तुत लेख केन्द्रित छ । नेपाली भाषा शिक्षा अध्ययन गरेका विद्यार्थी तथा विश...
भाषाशिक्षणमा शिक्षण सामग्री निर्माण र प्रयोग
भाषाशिक्षणमा शिक्षण सामग्री निर्माण र प्रयोग
प्रस्तुत लेख भाषाशिक्षणमा शिक्षण सामग्री निर्माण र प्रयोग शीर्षकमा आधारित छ । यस अन्तर्गत शिक्षण सामग्रीको परिचय, भाषाशिक्षणमा शिक्षण सामग्री, भाषा शिक्षणमा शिक्षण सामग्रीको उपयोगि...
प्रेमचंद की कहानियों में सामाजिक यथार्थ
प्रेमचंद की कहानियों में सामाजिक यथार्थ
हिंदी साहित्य के इतिहास में मुंशी प्रेमचंद का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपनी कहानियों के माध्यम से भारतीय समाज की उस सच्चाई को प्रस्तुत किया, जिसे अक्सर उपेक्षित किया जा...
सीता—हरण खण्डकाव्यमा ईश्वर
सीता—हरण खण्डकाव्यमा ईश्वर
वाल्मीकि रामायणको विषयवस्तुलाई उपजीव्य बनाएर लेखिएको लक्ष्मीप्रसाद देवकोटाको ।सीता—हरण खण्डकाव्यमा ईश्वर’ नामक प्रस्तुत लेखमा ।सीता–हरण’ खण्डकाव्यअन्तर्गत ईश्वरीय स्वरूपका विषयमा व...

Back to Top