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बिहार में सुशासन का असली चेहरा: बुकलेट बम
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बिहार में नीतीश कुमार की सरकार के चार साल पूरे होने पर 24 अगस्त, 2009 को "सुशासन का असली चेहरा: एनडीए सरकार के चार साल, एक रिपोर्ट कार्ड" नाम से एक पुस्तिका प्रकाशित हुई थी। पुस्तिका में नीतीश सरकार के सुशासन को पाखंड बताया गया था। इसके कवर पर आपराधिक चरित्र के नेता अनंत सिंह को प्रणाम करते हुए नीतीश कुमार की तस्वीर थी। पुस्तिका को युवा पत्रकार प्रमोद रंजन और उनके मित्रों ने प्रकाशित किया था। किंतु, पुस्तिका पर इसका जिक्र नहीं था। उस समय बिहार के राजनीतिक गलियारों में इस संबंध में काफी चर्चा हुई थी तथा इसके प्रकाशक को लेकर भी विभिन्न प्रकार के कयास लगाए गए थे। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में इससे संबंधित समचार और विश्लेषण प्रकाशित हुए थे। यहां मौजूद समाचार-विश्वलेषण साप्ताहिक पत्रिका शुक्रवार के 2-8 जनवरी, 2010 अंक में प्रकाशित हुआ था। इससे साल पहले एक और पुस्तिका "तीन साल: तेरह सवाल" शीर्षक से भी प्रकाशित की गई थी। उसकी भी व्यापक चर्चा रही है। बिहार की राजनीति को वैकल्पिक स्रोतों से समझने के इच्छुक शोधार्थियों के लिए ये दस्तावेज बहुत ही महत्वूर्ण स्राेत हैं।
Title: बिहार में सुशासन का असली चेहरा: बुकलेट बम
Description:
बिहार में नीतीश कुमार की सरकार के चार साल पूरे होने पर 24 अगस्त, 2009 को "सुशासन का असली चेहरा: एनडीए सरकार के चार साल, एक रिपोर्ट कार्ड" नाम से एक पुस्तिका प्रकाशित हुई थी। पुस्तिका में नीतीश सरकार के सुशासन को पाखंड बताया गया था। इसके कवर पर आपराधिक चरित्र के नेता अनंत सिंह को प्रणाम करते हुए नीतीश कुमार की तस्वीर थी। पुस्तिका को युवा पत्रकार प्रमोद रंजन और उनके मित्रों ने प्रकाशित किया था। किंतु, पुस्तिका पर इसका जिक्र नहीं था। उस समय बिहार के राजनीतिक गलियारों में इस संबंध में काफी चर्चा हुई थी तथा इसके प्रकाशक को लेकर भी विभिन्न प्रकार के कयास लगाए गए थे। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में इससे संबंधित समचार और विश्लेषण प्रकाशित हुए थे। यहां मौजूद समाचार-विश्वलेषण साप्ताहिक पत्रिका शुक्रवार के 2-8 जनवरी, 2010 अंक में प्रकाशित हुआ था। इससे साल पहले एक और पुस्तिका "तीन साल: तेरह सवाल" शीर्षक से भी प्रकाशित की गई थी। उसकी भी व्यापक चर्चा रही है। बिहार की राजनीति को वैकल्पिक स्रोतों से समझने के इच्छुक शोधार्थियों के लिए ये दस्तावेज बहुत ही महत्वूर्ण स्राेत हैं।.
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