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आधुनिक हिंदी साहित्य और नारी (राजनीतिक परिपेक्ष के अंतर्गत)
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प्रस्तुत लेख आधुनिक साहित्य और नारी के अंतर्गत भारतीय राजनीति में महिलाओं की भूमिका का अध्ययन राजनीतिक दृष्टिकोण से किया गया है । इस विषय के अंतर्गत राजनीति में आधुनिक महिलाओं की भागीदारी वर्तमान स्थिति एवं समस्याएं तथा उनके राजनीतिक भविष्य की चर्चा एवं अध्ययन प्रस्तुत किया गया है ।
साहित्य समाज का दर्पण है । माना जाता है समाज के विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को साहित्यकार समीक्षा करता है और उसके परिहार स्वरूप अपने विचारों को रचनाओं के रूप में प्रस्तुत करता है । साहित्य समाज का प्रतिबिंब है यदि समाज शरीर है तो साहित्य उसका मस्तिष्क माना जाता है । साहित्य में जो शक्ति निहित है वह तोप और तलवार में भी नहीं पाई जाती है। मुंशी प्रेमचंद को कलम का सिपाही इसीलिए कहा गया क्योंकि उन्होंने अपने साहित्य से नई चेतना को जागृत किया था।
Title: आधुनिक हिंदी साहित्य और नारी (राजनीतिक परिपेक्ष के अंतर्गत)
Description:
प्रस्तुत लेख आधुनिक साहित्य और नारी के अंतर्गत भारतीय राजनीति में महिलाओं की भूमिका का अध्ययन राजनीतिक दृष्टिकोण से किया गया है । इस विषय के अंतर्गत राजनीति में आधुनिक महिलाओं की भागीदारी वर्तमान स्थिति एवं समस्याएं तथा उनके राजनीतिक भविष्य की चर्चा एवं अध्ययन प्रस्तुत किया गया है ।
साहित्य समाज का दर्पण है । माना जाता है समाज के विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को साहित्यकार समीक्षा करता है और उसके परिहार स्वरूप अपने विचारों को रचनाओं के रूप में प्रस्तुत करता है । साहित्य समाज का प्रतिबिंब है यदि समाज शरीर है तो साहित्य उसका मस्तिष्क माना जाता है । साहित्य में जो शक्ति निहित है वह तोप और तलवार में भी नहीं पाई जाती है। मुंशी प्रेमचंद को कलम का सिपाही इसीलिए कहा गया क्योंकि उन्होंने अपने साहित्य से नई चेतना को जागृत किया था।.
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