Javascript must be enabled to continue!
भारतीय जनांकिकीय लाभांश
View through CrossRef
भारत को जनांकिकीय लाभांश का लाभ उठाने और अविश्वनीय आर्थिक विकास प्राप्त करने के लिए ऐसे विभिन्न पहलू है जिस पर भारत को कार्य करने की आवश्यकता है। भारत में 25 वर्ष की आयु वाले लोग कुल जनसंख्या का 50 प्रतिशत है तथा 35 वर्ष की आयु वाली जनसंख्या 65 प्रतिशत है। जनसंख्या का इतना बडा हिस्सा राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है भारत को कौशल ,शिक्षा और स्वास्थ्य नीतियों में अधिक निवेश करके अपने युवाओं को सशक्त बनाने की आवश्यकता है।भारत मेंजनांकिकीय लाभांश 2018 से शुरु हुई है जो 2035 में अपनी चरम पर होगा और यह 2055 तक प्राप्त होगा। भारत को जनांकिकीय लाभांश का लाभ उठाने के लिए प्रभावी शिक्षानीतियों को लागू करके और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच पर ध्यान देने और लैंगिक अंतर को भी कम करने की आवश्यकता है। परिवार नियोजन , बाल स्वास्थ्य ,शिक्षा और लैंगिक समानतामें निवेश लंबी अवधि के लिए जनांकिकीय लाभांश में सुधार के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम है। आज आवश्यकता है कि शिक्षा, स्वास्थ्य पर निवेश बढाया जाये। अनुसंधान एवं कौशल विकास पर निवेश बढाया जाये। जिससे जनांकिकीय लाभांश का लाभ प्राप्त हो सके।
School of Studies In Chemistry, Pandit Ravishankar Shukla University
Title: भारतीय जनांकिकीय लाभांश
Description:
भारत को जनांकिकीय लाभांश का लाभ उठाने और अविश्वनीय आर्थिक विकास प्राप्त करने के लिए ऐसे विभिन्न पहलू है जिस पर भारत को कार्य करने की आवश्यकता है। भारत में 25 वर्ष की आयु वाले लोग कुल जनसंख्या का 50 प्रतिशत है तथा 35 वर्ष की आयु वाली जनसंख्या 65 प्रतिशत है। जनसंख्या का इतना बडा हिस्सा राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है भारत को कौशल ,शिक्षा और स्वास्थ्य नीतियों में अधिक निवेश करके अपने युवाओं को सशक्त बनाने की आवश्यकता है।भारत मेंजनांकिकीय लाभांश 2018 से शुरु हुई है जो 2035 में अपनी चरम पर होगा और यह 2055 तक प्राप्त होगा। भारत को जनांकिकीय लाभांश का लाभ उठाने के लिए प्रभावी शिक्षानीतियों को लागू करके और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच पर ध्यान देने और लैंगिक अंतर को भी कम करने की आवश्यकता है। परिवार नियोजन , बाल स्वास्थ्य ,शिक्षा और लैंगिक समानतामें निवेश लंबी अवधि के लिए जनांकिकीय लाभांश में सुधार के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम है। आज आवश्यकता है कि शिक्षा, स्वास्थ्य पर निवेश बढाया जाये। अनुसंधान एवं कौशल विकास पर निवेश बढाया जाये। जिससे जनांकिकीय लाभांश का लाभ प्राप्त हो सके।.
Related Results
प्रेमचंद की कहानियों में सामाजिक यथार्थ
प्रेमचंद की कहानियों में सामाजिक यथार्थ
हिंदी साहित्य के इतिहास में मुंशी प्रेमचंद का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपनी कहानियों के माध्यम से भारतीय समाज की उस सच्चाई को प्रस्तुत किया, जिसे अक्सर उपेक्षित किया जा...
विवाह में विवाद: भारतीय संस्कृति के संदर्भ में संभावित कारण और समाधान
विवाह में विवाद: भारतीय संस्कृति के संदर्भ में संभावित कारण और समाधान
विवाह में विवाद भारतीय समाज में एक व्यापक और महत्वपूर्ण मुद्दा है। यह न केवल दो व्यक्तियों के बीच का मामला होता है, बल्कि दो परिवारों और कभी-कभी पूरे समुदाय को प्रभावित करता है। इस...
हिंदी भाषा की विविध भूमिकाएँ
हिंदी भाषा की विविध भूमिकाएँ
सारांश– हिंदी भाषा की कई महत्त्वपूर्ण भूमिकाएँ हैं, जो इसके सांस्कृतिक, सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक महत्त्व को दर्शाती हैं। इसकी भूमिकाओं को अलग-अलग दृष्टिकोणों से समझा जा सकता ...
wami Vivekananda: Indian Youth and Values Education (स्वामी विवेकानंदः भारतीय युवा और मूल्य शिक्षा)
wami Vivekananda: Indian Youth and Values Education (स्वामी विवेकानंदः भारतीय युवा और मूल्य शिक्षा)
स्वामी विवेकानंद (12 जनवरी, 1863 - 4 जुलाई, 1902) को भारत के सबसे प्रभावशाली आध्यात्मिक शिक्षाविद् और विचारक में से एक माना जाता है। वह रामकृष्ण परमहंस के शिष्य और रामकृष्ण मठ और र...
15वीं लोकसभा चुनावों का संदर्भ में विश्लेषण का अध्ययन
15वीं लोकसभा चुनावों का संदर्भ में विश्लेषण का अध्ययन
भारत के 2009 के 15वें लोकसभा चुनावों में प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम और चुनावी गतिशीलता देखी गई। 543 सीटों में से 206 सीटों पर, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) सबसे बड़ी पार्टी थी और ...
शिक्षक प्रशिक्षुओं की पंचकोषीय अवधारणा
शिक्षक प्रशिक्षुओं की पंचकोषीय अवधारणा
सार
पंचकोष शब्द संस्कृत से लिया गया है जिसका तात्पर्य मानव अस्तित्व के पाँच कोषों से है जो अन्नमय कोष, प्राणमय कोष, मनोमय कोष, विज्ञानमय कोष और आनंदमय कोष हैं। यजुर्वेद में तैत्ति...
भारतीय दर्शनेषु मोक्ष प्रक्रिया
भारतीय दर्शनेषु मोक्ष प्रक्रिया
सारांश मोक्ष मानव जीवन का परम लक्ष्य है, इसीलिये मानव के आदि संविधान वेद से लेकर आज तक सभी धर्मशास्त्रीय ग्रन्थों में मोक्ष का चिन्तन प्राप्त होता है। मोक्ष को मुक्ति, कैवल्य, निःश...
COLOR IN PAINTING (SPECIAL REFERENCE AJANTA)
COLOR IN PAINTING (SPECIAL REFERENCE AJANTA)
Color has an important place in human life. Each item has a color. It is visible to us only because of the color of the objects in the ground. Objects of the same color appear diff...

