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Nari shakti: samaj aor rastra ke mukhyadhara me yogdaan

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शोधसार : हमारे देश भारत में नारी को देवी का रूप माना जाता है। भारत की नारीयों ने प्राचीन काल से ही अपनी शक्ति और सामर्थ्य का समय- समय पर परिचय दिया है । नारी शक्ति का अर्थ है महिलाओं को समाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनैतिक सकरात्मकता प्रदान करना है। नारी शक्ति का मूल मंत्र है “ सशक्त नारी, सशक्त समाज, सशक्त राष्ट्र” भारतीय समाज में महिलाओं के योगदान को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने इस प्रकार वर्णन किया है — भारत की महिलाओं की दृढ़ इच्छाशक्ति, उनकी कल्पनाशीलता, उनकी त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने की उनकी कठोरता और उनकी कड़ी मेहनत की पराकाष्टा यही हमारी नारी शक्ति की पहचान है।“ अत: यह आवश्यक है कि हम नारीयों के योगदान को सम्मानित करें और उन्हें अवसर प्रदान करें। नारी शक्ति का सशक्तिकरण न केवल उनके व्यक्तिगत विकास के लिए आवश्यक है बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए व समाज के लिए आवश्यक है। शक्ति के इस दौर में नारी शक्ति के विचारो की ऊचाई हिमालय की तरह, समावेशिता सागर की तरह, दृढ़निश्चय साधक की तरह है जो भारत को पुन: विश्वगुरू बनने के अपने संकल्प को साकार करेगा।
International Journal for Multidisciplinary Research (IJFMR)
Title: Nari shakti: samaj aor rastra ke mukhyadhara me yogdaan
Description:
शोधसार : हमारे देश भारत में नारी को देवी का रूप माना जाता है। भारत की नारीयों ने प्राचीन काल से ही अपनी शक्ति और सामर्थ्य का समय- समय पर परिचय दिया है । नारी शक्ति का अर्थ है महिलाओं को समाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनैतिक सकरात्मकता प्रदान करना है। नारी शक्ति का मूल मंत्र है “ सशक्त नारी, सशक्त समाज, सशक्त राष्ट्र” भारतीय समाज में महिलाओं के योगदान को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने इस प्रकार वर्णन किया है — भारत की महिलाओं की दृढ़ इच्छाशक्ति, उनकी कल्पनाशीलता, उनकी त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने की उनकी कठोरता और उनकी कड़ी मेहनत की पराकाष्टा यही हमारी नारी शक्ति की पहचान है।“ अत: यह आवश्यक है कि हम नारीयों के योगदान को सम्मानित करें और उन्हें अवसर प्रदान करें। नारी शक्ति का सशक्तिकरण न केवल उनके व्यक्तिगत विकास के लिए आवश्यक है बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए व समाज के लिए आवश्यक है। शक्ति के इस दौर में नारी शक्ति के विचारो की ऊचाई हिमालय की तरह, समावेशिता सागर की तरह, दृढ़निश्चय साधक की तरह है जो भारत को पुन: विश्वगुरू बनने के अपने संकल्प को साकार करेगा।.

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