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उच्चतर माध्यमिक स्तर पर अध्ययनरत विद्यार्थियों की व्यवसायिक रूचि एवं व्यवसायिक आकांक्षओं पर सूचना प्रोधौगिकी की आवश्यकता।
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आकांक्षा मनुष्य की वह सामान्य प्रतिक्रिया है जिसके द्वारा मनुष्य ज्ञान को जानने के लिए उत्सुक रहता है। भिन्न-भिन्न अनुभवों द्वारा भिन्न आकांक्षा रखता है प्रयुक्त शोध से सूचना प्रोद्योगिकी के व्यवसायिक आकांक्षाओं के प्रभाव पर बल दिया गया है, जिसमें आई0सी0टी0 एवं पाॅलिटेकनिक आदि में दी जानी वाली महत्वपूर्ण है। वत्र्तमान युग संचार और प्रौद्योगिकी का युग है, जिसके प्रयोग से सम्पूर्ण विश्व एक गाँव में तब्दील हो गया है। सूचना प्रौद्योगिकी का योगदान शिक्षा, सैनय, व्यापार, चिकित्सा और अनुसंधान सभी क्षेत्रों में अत्यंत ही महत्वपूर्ण हो गया है। आधुनिक समय की माँग और उपयोगिता को देखते हुए छात्रों की अभिवृति का विकास एवं छात्रों की आकांक्षाओं को रूचिकर सूचना प्रौद्योगिकी और व्यवसायिक शिक्षा के माध्यम से बनाया जा सकता है। छात्र देश का भविष्य होता है एवं राष्ट्र का निर्माण करता है। छात्रों को नवीन प्रौद्योगिकी ज्ञान एवं सूचना से अवगत करा कर गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक विकास को प्रभावशाली बनाया जा सकता है जो छात्रों को विश्वपटल पर आगामी जीवन हेतु परिपक्व बनाती है। निश्चित रूप से संभव है कि निकट भविष्य में शिक्षण का माध्यम कागज के बजाय सूचना प्रौद्योगिकी पर निर्भर होगा।
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Title: उच्चतर माध्यमिक स्तर पर अध्ययनरत विद्यार्थियों की व्यवसायिक रूचि एवं व्यवसायिक आकांक्षओं पर सूचना प्रोधौगिकी की आवश्यकता।
Description:
आकांक्षा मनुष्य की वह सामान्य प्रतिक्रिया है जिसके द्वारा मनुष्य ज्ञान को जानने के लिए उत्सुक रहता है। भिन्न-भिन्न अनुभवों द्वारा भिन्न आकांक्षा रखता है प्रयुक्त शोध से सूचना प्रोद्योगिकी के व्यवसायिक आकांक्षाओं के प्रभाव पर बल दिया गया है, जिसमें आई0सी0टी0 एवं पाॅलिटेकनिक आदि में दी जानी वाली महत्वपूर्ण है। वत्र्तमान युग संचार और प्रौद्योगिकी का युग है, जिसके प्रयोग से सम्पूर्ण विश्व एक गाँव में तब्दील हो गया है। सूचना प्रौद्योगिकी का योगदान शिक्षा, सैनय, व्यापार, चिकित्सा और अनुसंधान सभी क्षेत्रों में अत्यंत ही महत्वपूर्ण हो गया है। आधुनिक समय की माँग और उपयोगिता को देखते हुए छात्रों की अभिवृति का विकास एवं छात्रों की आकांक्षाओं को रूचिकर सूचना प्रौद्योगिकी और व्यवसायिक शिक्षा के माध्यम से बनाया जा सकता है। छात्र देश का भविष्य होता है एवं राष्ट्र का निर्माण करता है। छात्रों को नवीन प्रौद्योगिकी ज्ञान एवं सूचना से अवगत करा कर गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक विकास को प्रभावशाली बनाया जा सकता है जो छात्रों को विश्वपटल पर आगामी जीवन हेतु परिपक्व बनाती है। निश्चित रूप से संभव है कि निकट भविष्य में शिक्षण का माध्यम कागज के बजाय सूचना प्रौद्योगिकी पर निर्भर होगा।.
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